उत्तर प्रदेश का प्रयागराज इस बार आम उत्पादन के मामले में नई ऊंचाइयों को छू रहा है दशहरी और लंगड़ा जैसे पारंपlरिक आमों के साथ-साथ नई प्रजातियों की शानदार पैदावार ने किसानों और व्यापारियों दोनों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है जिले में इस बार करीब 1.5 लाख टन आम उत्पादन का अनुमान लगाया गया है, जिससे स्थानीय बाजारों के साथ-साथ विदेशों में भी प्रयागराज के आमों की मांग तेजी से बढ़ी है।


आम को फलों का राजा कहा जाता है. यही वजह है कि हर साल आम के मौसम में रसीले आम का इंतजार आम के शौकीनों को रहता है. प्रयागराज के आम के शौकीनों के लिए इस बार अच्छी खबर है. क्योंकि प्रयागराज और प्रयागराज मंडल के जिलों में आम की पैदावार काफी अच्छी हो रही है


खुसरो बाग और आसपास के क्षेत्रों में तैयार की जा रही नई किस्मों ने किसानों को बेहतर मुनाफे की उम्मीद दी है इन आमों का स्वाद, मिठास और गुणवत्ता विदेशी बाजारों को खूब पसंद आ रही है यही वजह है कि इस बार UAE और ओमान जैसे देशों को करीब 50 हजार टन आम निर्यात करने की तैयारी चल रही ह निर्यात बढ़ने से किसानों की आय में भी बड़ा इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है

विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम इस बार आम की फसल के लिए काफी अनुकूल रहा, जिससे उत्पादन में बढ़ोतरी हुई समय पर सिंचाई और आधुनिक खेती तकनीकों का इस्तेमाल भी किसानों के लिए फायदेमंद साबित हुआ सरकार और कृषि विभाग की ओर से भी किसानों को नई तकनीकों और बेहतर प्रबंधन के लिए सहायता दी जा रही है

प्रयागराज के बागानों में दशहरी और लंगड़ा के अलावा अम्रपाली, चौसा और कई नई वैरायटी के आम भी तैयार किए जा रहे हैं इन नई प्रजातियों की खासियत यह है कि इनमें मिठास अधिक होती है और लंबे समय तक खराब नहीं होते, जिससे इन्हें विदेश भेजना आसान हो जाता है,

किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह निर्यात के अवसर बढ़ते रहे तो आने वाले वर्षों में प्रयागराज देश के सबसे बड़े आम निर्यात केंद्रों में शामिल हो सकता है, आम की खेती अब सिर्फ पारंपरिक व्यवसाय नहीं रह गई है, बल्कि किसानों के लिए रोजगार और बेहतर आय का बड़ा माध्यम बनती जा रही है.